अध्याय 12

वे पतले-से तलाक़ के काग़ज़ लाल-तप्त दाग़ने वाली सलाख़ जैसे थे।

वे सफ़ेद मेज़पोश से ढकी खाने की मेज़ में जैसे जलकर धँस गए, और जेम्स के एकाएक जमे हुए चेहरे में भी।

वक़्त जैसे थम गया।

इसाबेला इतनी हड़बड़ा गई कि उसके हाथ से चम्मच छूटकर प्लेट पर कर्कश खनक के साथ गिर पड़ा।

अमेलिया ने अचानक अपना मुँह ढ...

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